यूपीएससी

यूपीएससी यानिकि संघ लोक सेवा आयोग भारत के संविधान द्वारा स्थापित किया गया एक संवैधानिक निकाय है यूपीएससी लेवल ए और लेवल बी कर्मचारियों की भर्ती के लिए एक स्वतंत्र संगठन है जो भारत सरकार के लोकसेवा के कर्मचारियों की नियुक्ति करने के लिए परीक्षा का आयोजन करती है। प्रथम यूपीएससी की स्थापना अक्टूबर 1926 को हुई।  भारत के स्वतंत्र होने पर संवैधानिक प्रावधानों के तहत 26 अक्तूबर 1950 को लोक आयोग की स्थापना हुई। वर्तमान में इसके अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी है।

यूपीएससी अखिल भारतीय सेवाओं, केंद्रीय सेवाओं और संवर्गों के साथ-साथ भारतीय संघ के सशस्त्र बलों के लिए भर्ती प्रक्रिया को आयोजित करता है, यूपीएससी एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जो भारत की केंद्र और राज्य सरकार के तहत 24 सेवाओं में भर्ती के लिए जिम्मेदार है। यूपीएससी के अध्‍यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति, यदि वह संघ आयोग या संयुक्त आयोग है तो, राष्ट्रपति द्वारा और, यदि वह राज्य आयोग है तो, राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाएगी।

आयोग

नाम जन्मतिथि 
अध्यक्षप्रो. (डॉ) प्रदीप कुमार जोशी05/04/1957
सदस्यएयर मार्शल ए. एस. भोंसले (से.नि.)15/02/1957
सदस्यश्रीमती सुजाता मेहता30/03/1957
सदस्यडॉ. मनोज सोनी17/02/1965
सदस्यश्रीमती स्मिता नागराज22/09/1958
सदस्यश्रीमती म. सत्यवती13/05/1958
सदस्यश्री भारत भूषण व्यास15/11/1957
सदस्यडॉ. टी सी ए अनंत03/01/1958
सदस्यश्री राजीव नयन चौबे28/01/1959

आयोग के कार्य

संविधान के अनुच्छेद 320 के अंतर्गत ,अन्य बातों के साथ साथ सिविल सेवाओं तथा पदों के भर्ती सम्बंधित सभी मामलों में आयोग का परामर्श लिया जाना अनिवार्य है। आयोग के निम्नलिखित कार्य है।

  • संघ के लिए सेवाओं में नियुक्ति करने के लिए परीक्षा का आयोजन करना
  • इंटरव्यू द्वारा चयन से सीधी भर्ती करना
  • प्रोन्‍नति/ प्रतिनियुक्‍ति/ आमेलन द्वारा अधिकारियों की नियुक्‍ति करना
  •  विभिन्न सेवाओं और पदों पर भर्ती के तरीके सम्बन्धी सभी मामलों के बारे में सरकार को सलाह देना और भर्ती नियम बनाना एवं उनमे संसोधन करना।
  • असाधारण पेंशन प्रदान किये जाने सम्बन्धी विविध मामले , कानूनी खर्चो की प्रतिपूर्ति करना
  • भारत के राष्ट्रपति द्वारा आयोग को संदर्भित किसी भी मामले में सरकार को परामर्श देना
  • विभिन्न सिविल सेवाओं से सम्बंधित अनुशासनिक मामले।

डिवीजन

परिचय

यूपीएससी एक संवैधानिक संस्‍था है, जिसे प्रतियोगिता परीक्षाओं के आयोजन के साथ-साथ साक्षात्‍कार के माध्‍यम से चयन करने, पदोन्‍नति पर नियुक्‍ति तथा प्रतिनियुक्‍ति पर स्‍थांनातरण के लिए अधिकारियों की उपयुक्‍तता के बारे में सलाह देने, विभिन्‍न सेवाओं में भर्ती की पद्धति से संबंधित सभी मामलों में सरकार को परामर्श देने, भर्ती नियम बनाने और संशोधन करने, विभिन्‍न सिविल सेवाओं से संबंधित अनुशासनिक मामलें, असाधारण पेंशन प्रदान करने संबंधी विविध मामले, विधिक व्‍यय आदि की प्रतिपूर्ति, भारत के राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए किसी मामले पर सरकार को सलाह देने और किसी राज्‍य के राज्यपाल द्वारा अनुरोध किए जाने पर उस राज्‍य में किसी या सभी आवश्‍यकताओं को राष्‍ट्रपति  के अनुमोदन के पश्‍चात पूरा करने का दायित्‍व सौंपा गया है। अपने संवैधानिक दायित्‍वों को पूरा करने के लिए आयोग की सहायता के लिए अधिकारी/ कर्मचारी होते है, जिन्‍हें सामान्‍यत: आयोग के सचिवालय के रूप में जाना जाता है एवं जिसके प्रधान सचिव होते है।

शाखा का प्रधान संयुक्‍त सचिव होता है । संयुक्‍त सचिव की सहायता के लिए शाखा में एक उप सचिव, दो अवर सचिव, एक प्रशासनिक अधिकारी, नौ अनुभाग अधिकारी तथा 65 अन्‍य कार्मिक तैनात हैं ।

जहाँ राष्‍ट्रपति किसी सेवानिवृत्‍त सरकारी कर्मचारी की पेन्‍शन को रोकने या समाप्‍त करने का प्रस्ताव करते हैं उसमे  में भी यूपीएससी आयोग से परामर्श लिया जाना अनिवार्य है। तदनुसार, मंत्रालयों/ विभागों तथा राज्‍य सरकारों द्वारा अनुशासनिक मामले आयोग के परामर्श हेतु भेजे जाते हैं।

परीक्षा

यूपीएससी सरकार द्वारा अधिसूचित परीक्षा नियमावलियों के अनुसार विभिन्‍न परीक्षाओं का आयोजन पूरी ईमानदारी और निष्‍पक्षता के आधार करते हुए भारत सरकार के अधीन समूह क एवं ख की विभिन्‍न सेवाओं के लिए उम्‍मीदवारों का मेरिट आधारित चयन और उनकी अनुशंसा करता है।

आयोग की परीक्षा शाखा विभिन्‍न सीधी भर्ती परीक्षाओं तथा विभागीय परीक्षाओं का आयोजन करती है। परीक्षा की प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्‍न कार्यकलाप शामिल हैं, जैसे सरकार द्वारा अधिसूचित परीक्षा नियमावली के अनुसार परीक्षा के नोटिस का प्रकाशन, उम्‍मीदवारों के ऑनलाइन आवेदन-पत्र स्‍वीकार करना, देशभर के विभिन्‍न केन्‍द्रों में परीक्षा की व्‍यवस्‍था आदि, आवेदन पत्र केवल ऑनलाइन माध्‍यम से आमंत्रित किए जाते हैं।

भर्ती

भर्ती की तीन विधियां हैं यथा सीधी भर्ती, पदोन्‍नति द्वारा भर्ती तथा स्‍थानान्‍तरण तथा स्‍थाई आमेलन के द्वारा भर्ती। सीधी भर्ती या तो चयन द्वारा या प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्‍यम से की जा सकती है। चयन द्वारा भर्ती या तो साक्षात्‍कार के माध्‍यम से की जाती है या वस्‍तुनिष्‍ठ प्रकार की लिखित परीक्षा तथा /या व्यावहारिक कौशल परीक्षण के बाद इंटरव्यू द्वारा की जाती है ।

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