इंडियन आर्मी

इंडियन आर्मी भूमिगति सेना है जो की भूस्थल पर हमे दूसरे देशों से होने वाले खतरों या दुश्मनो से सुरक्षा प्रदान करती है यह भारतीय सशस्त्र बल का सबसे बड़ा अंग है इसका Control भारतीय थलसेना के अध्यक्ष के हाथों में होता है जोकि चार सितारे वाले जनरल अधिकारी होते है, भारत का राष्ट्रपति थलसेना का प्रधान सेना पति होता है राष्ट्रपति के आदेश पर ही सेना किसी देश के साथ युद्ध अथवा युद्ध विराम कर सकती है।

इंडियन आर्मी को भारतीय थलसेना भी कहा जाता है, इसकी स्थापना 1 अप्रेल 1895 में की गई थी,  यानि की इंडियन आर्मी की स्थापना लगभग 126 वर्ष पहले हुई थी, इंडियन आर्मी की वर्षगाठ 15 जनवरी को हुई थी इसी वजह से 15 जनवरी को इसे सेना दिवश के रूप में पुरे भारत भर में मनाया जाता है।

इसका मुख्याल नई दिल्ली में है  और इसमें लगभग 1200255 सक्रिय कार्मिक है, यानि की जो अभी इसने भर्ती है और ड्यूटी पर है, इंडियन आर्मी बहुत ही महत्वपूर्ण पद होता है, इंडियन आर्मी में जनरल ड्यूटी सैनिकों का एक बड़े हिस्सा से बना है, वे शस्त्र या सेवाओं के विभागों में महत्वपूर्ण कार्य करते है।

यह देश की सीमाओ के साथ साथ जरूत पड़ने पर अपने देश की अंदर भी कार्य करते है और हमे होने वाली समस्याओ से निजात दिलवाते है, इंडियन आर्मी में 17 रैंक होते है और सभी रैंक के  सेनाओ की पहचान अलग अलग होती है।

सिपाहीसिपाही सबसे छोटा पद होता है और इनका कार्य काल 20 वर्षो का होता है, सिपाही रैंक में कोई भी सिंबल या चिन्ह नहीं होता है, इनकी  वर्दी पर केवल उनके रेजिमेंट का सिंबल होता है।
लांस नायकलांस नायक का पद नायक से छोटा पद होता है, इनका कार्य काल 22 वर्ष का होता है, इनके बाएं तरफ V आकर की एक स्ट्रीप होती है।
नायकहवलदार के बाद नायक की रैंक आती है, इनका कार्य काल 22 वर्षो का होता है और उसके बाद इनको रिटायर कर दिया जाता है, इनके बाएं कंधे पर V आकर के 2 स्ट्रीप होती है।
हवलदारनॉन कमिश्नर ऑफिसर में हवलदार का सबसे बड़ा पद होता हैं, और इनका कार्य काल 24 वर्षो का होता है और उसके बाद इनको रिटायर कर दिया जाता है, इनकी वर्दी पर लाल पिले रंग की तीन स्ट्रिप लगी होती है जो V आकार में होती है।
नायब सूबेदारसूबेदार के बाद नायब सूबेदार की रैंक आती है, इनका कार्य काल 28 वर्षो का होता है और उसके बाद इनको रिटायर कर दिया जाता है, इनकी वर्दी पर पांच मुख वाला एक स्टार होता है और नीचे दो लाल पत्तियों के बीचे पीले रंग की पट्टी होती है।
सूबेदारसूबेदार कर कार्य काल 28 वर्षो का होता है, और  इसके बाद ये रिटायर हो जाते हैं, इनकी वर्दी पर दो लाल रंग की पट्टी होती  और उनके बीचे में पिले रंग की पट्टी होती है।
सूबेदार मेजरजूनियर कमिशनर ऑफिसर में सूबेदार मेजर का सबसे बड़ा रैंक होता है, इनका कार्य काल 3 वर्ष तक हो होता है, इनकी वर्दी पर एक अशोक स्तम्भ होता है और एक पिले, लाल रंग की पट्टी लगी होती है।
लेफ्टिनेंटलेफ्टिनेंट कमीशन रैंक में सबसे पहला पद है, लेफ्टिनेंट आईएमए, ओटीए से ट्रेनिंग करते हैं उसके बाद उन्हें लेफ्टिनेंट का ही रैंक प्राप्त होता है, इसके बाद उनका आगे प्रमोशन होता रहता हैं, लेफ्टिनेंट की वर्दी में दोनों सोल्डर  पर 2 स्टार लगे होते हैं।
कैप्टनमेजर के बाद कैप्टेन का पद आता है, कैप्टेन का रैंक दो साल कमीशंड ऑफिसर के पद पर काम करने के बाद मिलता है, कैप्टेन की वर्दी में दोनों सोल्डर पर तीन स्टार लगे होते हैं।
मेजरलेफ्टिनेंट कर्नल के बाद मेजर की रैंक आती है, इनका सेलेक्शन प्रमोशन के माध्यम से किया जाता है, और इनकी वर्दी में दोनों सोल्डर पर अशोक स्तम्भ लगे होते हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नलकर्नल के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक आती है और लेफ्टिनेंट कर्नल की वर्दी में दोनों सोल्डर में  एक अशोक स्तम्भ और एक-एक स्टार लगे होते हैं।
कर्नलब्रिगेडियर के बाद कर्नल की सबसे बड़ी रैंक होती है, इनका कार्य काल इनकी 54 वर्ष तक ही होता है और 54 वर्ष के पूरे होने के बाद इनको रिटायर कर दिए जाते हैं, कर्नल की वर्दी में सोल्डर पर अशोक स्तम्भ के साथ दोनों कंधो पर दो स्टार लगे होते हैं, और कॉलर में मैरून रंग का पैच भी होता है।
ब्रिगेडियरमेजर जनरल रैंक के बाद ब्रिगेडियर की रैंक आती है, इनका इस रैंक पर कार्यकाल 56 वर्ष तक ही होता हैं उसके बाद इन्हे रिटायर कर दिया जाता है,  ब्रिगेडियर की वर्दी पर दोनों सोल्डर पर एक अशोक स्तम्भ और तीन स्टार लगे होते हैं।
मेजर जेनरलLieutenant General के बाद मेजर जनरल की रैंक आती है, मेजर जनरल को 58 वर्ष की आयु में रिटायर कर दिए जाते हैं, इनकी वर्दी में  दोनों सोल्डर पर एक कैंची और डंडा क्रॉस में लगे होते हैं और इसके बीचों बीच एक स्टार भी लगा होता है, और इनके दोनों कॉलर पर दो स्टार लगे होते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरलइंडियन आर्मी में जनरल के बाद लेफ्टिनेंट जनरल का पद आता है, इन्हे ये रैंक कमीशंड सर्विस के माध्यम से दी जाती है, और इस पद से 60 वर्ष के बाद रिटायर भी कर दिया जाता हैं, इनके दोनों सोल्डर पर अशोक स्तम्भ, बैटन और तलवार के क्रॉस लगे होते हैं और कॉलर पर तीन भी स्टार लगे होते हैं।
जनरल इन्हे सेना प्रमुख या कमांडर इन चीफ के नाम से भी जानते हैं, ये इंडियन आर्मी में सबसे बड़ी रैंक होती है, इस पद पर अधिकारीयों को तीन साल तक के लिए नियुक्त किया जाता है, इनकी वर्दी पर एक क्रॉस्ड बैटन लगा होता है, और एक स्टार के साथ एक अशोक स्तम्भ लगा होता है।
फील्ड मार्शल इंडियन आर्मी में फील्ड मार्शल सबसे बड़ी रैंक होती है, जब कोई अपने मिशन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए मिशन को सफल बनाते है, तब ये पद अधिकारी को किसी सम्मान के स्वरुप दी जाती है, इनके दोनों सोल्डर पर एक कैंची और डंडा क्रॉस में लगे हुए होते हैं और इसके बीचों बीच एक अशोक की लाट लगा होता है।

तो ये थी कुछ जानकारी इंडियन आर्मी के बारे में, तो हमे उम्मीद है की आप सभी लोगों को हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छे से समझ में आ गई होगी।

Leave a Comment