श्री लंका का प्रधानमंत्री कौन है, Sri Lanka ka pradhanmantri kaun hai 

श्रीलंका के प्रधानमंत्री का नाम – महिंदा राजपक्षे है इनका पूरा नाम Percy Mahinda Rajapaksa है लेकिन आमतौर पर इन्हे महिंदा राजपक्षे के नाम से जाना जाता है वर्तमान समय में ये श्रीलंका के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर रहे है। Shreelanka ka pradhanmantri kaun hai.

Shree Lanka ka prime minister kaun hai

महिंदा राजपक्षे श्रीलंका के राजनीतिक पार्टी –  पीपल्स पार्टी (एसएलपीपी) से सम्बन्ध रखते है देश की बड़ी संसदीय दर्ज करने के बाद उन्हें उत्तरी कोलंबो के केलानिया में राजामह विहाराय बौद्ध मंदिर में महिंदा राजपक्षे को पीएम पद की शपथ दिलाई गई.

यह शपथ श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति ने महिंदा राजपक्षे को नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाया एसएलपीपी ने देश में 5 अगस्त को हुए चुनाव में एक तरफा जीत हासिल की इस पार्टी को संसद में दो तिहाई बहुमत प्राप्त हुआ

ऐसा कहा जाता है कि एसएलपीपी पार्टी को काफी समय से दो तिहाई बहुत की जरुरत थी क्योंकि यह पार्टी संबिधान में कुछ संसोधन करना चाहती थी इसके लिए इस पार्टी के पक्ष में कम से कम दो तिहाई बहुमत प्राप्त होना चाहिए

महिंदा राजपक्षे ने वोट पाने के मामले में एक इतिहास रच दिया क्योंकि इस चुनाव में इन्हे 5 लाख से अधिक व्यक्तिगत मत प्राप्त हुए जोकि अभी तक श्रीलंका के अंदर किसी भी नेता को नहीं मिले।

एसएलपीपी पार्टी ने देश के 145 संसदीय क्षेत्रो में जीत हासिल की लेकिन गठबंधन के साथ इस पार्टी ने 150 सीट पर जीत दर्ज की इसी के साथ 225 सीटों वाली संसद में इस पार्टी दो तिहाई बहुमत प्राप्त हुआ

महिंदा राजपक्षे 2005 से 2015 तक के बीच करीब एक दशक वे राष्ट्रपति रह चुके है

महिंदा राजपक्षे का जन्म जन्म:18 नवम्बर 1945 को हुआ था महिंदा राजपक्षे पेशे से एक वकील है और इन्हे पहली बार 1970 में श्रीलंका की संसद के लिए चुना गया था महिंदा राजपक्षे 2005 से 2015 तक के बीच श्रीलंका फ्रीडम पार्टी के नेता के रूप में कार्य किया

19 नवंबर 2005 महिंदा राजपक्षे को राष्ट्रपति के रूप में  6 वर्षो के लिए शपथ दिलाया गया और उन्हें 2010 में राष्ट्रपति के रूप में दोबारा चुना गया और उन्होंने दोबारा  श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में कर किया लेकिन 2015 में तीसरी बार इनको हार का सामना करना पड़ा 

और उन्होंने 9 जनवरी 2015 को पद छोड़ दिया उसी वर्ष बाद में, राजपक्षे ने 2015 के संसदीय चुनाव में प्रधान मंत्री बनने की असफल कोशिश की उस वर्ष, यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम एलायंस हार गया था। हालाँकि, उन्हें कुरुनेगला जिले के लिए संसद सदस्य के रूप में चुना गया था

 26 अक्टूबर 2018 को, यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम एलायंस के एकता सरकार से हटने के बाद राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना द्वारा राजपक्षे को प्रधान मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया था।

लेकिन राजपक्षे ने 15 दिसंबर 2018 को प्रधान मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। विक्रमसिंघे को प्रधान मंत्री के रूप में फिर से नियुक्त किया गया, और राजपक्षे को विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया।

महिंदा राजपक्षे का जन्म वेराकेतिया में, ग्रामीण दक्षिणी जिले हंबनटोटा में एक स्थापित राजनीतिक परिवार में हुआ था ये कुल नौ भाई बहन थे वह परिवार में नौ बच्चों में दूसरा सबसे बड़ा था जिसमें छह लड़के और तीन लड़कियां शामिल थीं

ममहिंदा राजपक्षे ने अपने प्रारंभिक वर्ष मेदामुलाना में परिवार के घर में बिताए और छह साल की उम्र में उन्हें गॉल में उनके पिता के स्कूल रिचमंड कॉलेज में भेज दिया गया था

कुछ समय बाद महिंदा राजपक्षे का परिवार कोलंबो चला गया और महिंदा राजपक्षे को नालंदा कॉलेज, कोलंबो में भर्ती कराया गया। बाद में 1957 में वे थर्स्टन कॉलेज में स्थानांतरित हो गए, जहाँ उन्होंने क्रिकेट, रगर और एथलेटिक्स जैसे खेलों में भाग लिया, 400 मीटर रिले टीम में भाग लिया और पुट शॉट चैंपियन बने

महिंदा राजपक्षे को अपने समय का सबसे लोकप्रिय श्रीलंकाई राजनेता माना जाता है राजपक्षे के चाहने वाले पार्टी या आम जनता को king { राजा } भी कहती है उन्होंने खुद को एक मजबूत व्यक्ति के रूप में चित्रित करने के लिए मीडिया का इस्तेमाल किया।

इस लेख में आपने सीखा Sri Lanka ka pradhanmantri kaun hai हमें उम्मीद है ये जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

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