सांसद की सैलरी कितनी होती है, Sansad ki salary per month 2022

आपने सांसद के बारे में कई बार सुना होगा और हो सकता है की आपके जान पहचान का कोई सांसद भी हो और ये भी हो सकता है की आपको सांसद के बार थोड़ी बहुत जानकारी भी हो लेकिन कई बार लोगों द्वारा ये सवाल पूछा जाता है की सांसद की सैलरी कितनी है, क्योंकि लोगों को सांसद के बारे में तो पता होता है लेकिन उनको इनकी सैलरी को लेकर काफी doubt  रहता है, Sansad ki salary kitni hoti hai.

MP ki salary kitni hoti hai

जैसा की आपको पता होगा की अलग अलग राज्य में बहुत से सांसद होते है और अलग अलग राज्य के जिम्मेदारियों के हिसाब से उनकी सैलरी भी अलग अलग होती है, तो अगर आप सांसद की salary के बारे में एक सही जानकारी पाना चाहते है तो आपको हर राज्य के हिसाब से जानना होगा, तभी आप  सांसद की सही सैलरी के बारे में जान पाएंगे।

अगर मै सबसे ज्यादा सैलरी की बात करूँ तो मै आपको बताना चाहूंगा की 7वां वेतन लागू होने के बाद एक सबसे ज्यादा एक सांसद की सैलरी तेलंगाना के सांसद की है जो की महीने की 2,50000/- रूपये मिलती है और सबसे कम सैलरी की बात करे तो मै आपको बताना चाहूंगा की मिजोरम के सांसद की सैलरी सबसे कम है जो की 47,000/- रुपये प्रति माह है।

एक सांसद और एक विधायक की सैलरी लगभग बराबर होती है, अगर देखा जाय तो एक सांसद की सैलरी हमारे देश की प्रधान मंत्री से भी ज्यादा है, और अगर काम की बात करे तो जैसा की आपको पता ही होगा की एक प्रधान मंत्री के ऊपर पूरे देश की जिम्मेदारी होती है और इस सांसद की जिम्मेदारी प्रधान मंत्री से बहुत ही कम  होती है लेकिन फिर भी सैलरी ज्यादा होती है।

और अगर दूसरे राज्यों की सांसद के सैलरी की बात करे तो आप इस तालिका में देख सकते है की किस राज्य के सांसद की सैलरी कितनी है –

मिजोरम 47,000/- रूपये
आरुणांचल 49,000/- रुपये
पुदुचेरी 50,000/- रूपये
मेघालय 59,000/- रुपये
ओडिसा 62,000/- रुपये
गुजरात 65,000/- रूपये
केरल 70,000/- रुपये
सिक्किम 86,500/- रुपये
कर्नाटक 98,000/- रूपये
तमिलनाडु 1,05,000/- रुपये
पश्चिम बंगाल 1,13,000/- रूपये
हरियाणा 1,15,000/- रुपये
गोवा 1,17,000/- रुपये
राज्यस्थान 1,25,000/- रूपये
हिमांचल प्रदेश 1,25,000/- रुपये
झारखण्ड 1,60,000/- रुपये
जम्मू  कश्मीर 1,60,000/- रूपये
महाराष्ट्र 1,70,000/- रुपये
उत्तर प्रदेश 1,87,000/- रुपये
दिल्ली 2.10,000/- रुपये
तेलंगाना 2.50,000/- रुपये

तो आप इस लिस्ट में देख सकते है की किस  राज्य के सांसद की कितनी सैलरी है, बहुत से लोगों का ये भी सवाल होता है की  सांसद का चयन कैसे होता है तो मै आपको बताना चाहूंगा की सांसद का चयन चुनावी प्रक्रिया द्वारा होता है।

संसद के कार्य सरकार की प्रणाली के अनुसार भिन्न होते हैं, विभिन्न शब्द विभिन्न प्रणालियों के अनुसार एक संसदीय संस्था को नामित कर सकते हैं, जैसे: संसद, अदालत, विधानसभा, परिषद, संसदीय प्रणाली के तहत, कार्यकारी शक्ति संसद में निवेशित विधायी शाखा से निकलती है, और सरकारें तब तक सत्ता में रहती हैं जब तक वे संसद के विश्वास का आनंद लेती हैं।

राष्ट्रपति प्रणाली के तहत, संसद प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनावों के माध्यम से राष्ट्रपति को दी गई राजनीतिक वैधता के प्रतिवाद के रूप में कार्य करती है। संसदें गैर-लोकतांत्रिक शासनों में भी मौजूद हैं, जैसे कि फासीवादी तानाशाही और बीसवीं शताब्दी के ‘लोकतांत्रिक लोगों’ के गणराज्य। इस तरह की प्रणालियों के तहत वे केवल कठपुतली या मुखौटा बन जाते हैं क्योंकि वे कोई वास्तविक शक्ति का प्रयोग नहीं करते हैं, बल्कि सरकार की शक्ति का समर्थन करने के लिए रबर स्टैम्प के रूप में काम करते हैं।

कार्यात्मक शब्दों में, संसदों को सक्रिय या विचारशील के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है, सक्रिय संसद वो हैं जो संसदीय प्रणाली के भीतर सरकार को नियुक्त करने और समर्थन करने की शक्ति रखते हैं जैसा कि अधिकांश आधुनिक संसदीय लोकतंत्रों में होता है।

इसमें जनता द्वारा अलग अलग चुनाव चिन्हों पर जनता द्वारा अपने योग्य उम्मीदवार को मतदान देती है और इस तरह से जीतने वाले को सांसद बना दिया जाता है और अगर मै सांसद ले कार्य काल की बात करूँ तो मै आपको बताना चाहूंगा की एक सांसद 5 वर्षों ले लिए नियुक्त किया जाता है

और अगर सांसद के कार्यों की बात करे तो एक सांसद का कार्य है की अपने क्षेत्र के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रो में आर्थिक एवं सामाजिक जो भी गतिविधिया है उनको सुधारना सुधार करना होता है, और भी कुछ महत्वपूर्ण कार्य होते है जैसे- कार्यपालिका का नियंत्रण, कानून बनाना, वित्त का नियंत्रण, विमर्श शुरू करना, संवैधानिक कार्य, निर्वाचन संबंधी कार्य  और न्यायिक कार्य आदि प्रमुख कार्य होते है एक सांसद के।

जब भी कोई नया कानून लागू होता है या कोई संविधान बनाया जाता है तो उस कानून का या संविधान का विश्लेषण करना या नया कानून बनाना एक सांसद का कार्य होता है, जब भी कोई कानून सांसद द्वारा बनाया जाता है तो उसे राष्ट्रपति द्वारा सांसद के बनाये कानून को पारित किया जाता है और फिर देश में लागू होता है।

Sansad ko kitna vetan milta hai

इस लेख में आपने सीखा sansad ki salary kitni hoti hai हमें उम्मीद है ये जानकारी sansad ki salary per month 2022 आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

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