प्रधानमंत्री क्या है, Prime minister kise kahte hain, PM full form in Hindi 

Pradhanmantri kya hai

भारत सरकार का मुखिया प्रधानमंत्री होता है. इसके अलावा वह राष्ट्रपति का सलाहकार, मंत्रिमंडल का अध्यक्ष, लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता भी होता है. कुल मिलकार देश का भार प्रधानमंत्री के कंधों पर होता है. लेकिन सवाल है कि आखिर इतने महत्वपूर्ण पद पर व्यक्ति की सैलरी कितनी होती है।

Pradhanmantri ki salary kitni hoti hai

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महीने की सैलरी 1 लाख, 60 हजार रुपये दी जाती थी. और इसने बहुत सारे भत्ते भी होते है जो की इसी में जुड़े होते थे।

प्रधान मंत्री की basic salary 50,000 रुपये और निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 45,000 रुपये, और रोज का भत्ता 2,000 रुपये यानि रोज का भत्ता एक महीने में 62,000 रुपये और व्यय भत्ता 3,000 रुपये, और इस सभी की मिलाकर अगर जोड़ा जाय तो total 1,60,000 रुपये होता था।

लेकिन अब इनकी सैलरी 2,50,000 INR हो गई है।

प्रधान मंत्री के पीछे होने वाले खर्चो की बात करे तो इनकी सैलरी का कई गुना ज्यादा खर्च तो इनकी सुरक्षा के पीछे ही हो जाता है मै आपको बताना चाहूंगा की इनकी सुरक्षा के लिए लगभग 1.50+ करोड़ रुपये खर्च हो जाते है, तो आप अंदाजा लगा सकते है की और बाकि चीजे जैसे चलने के लिए गाड़ी, रहने के लिए घर, खाने पीने को लेके, लम्बी यात्रा करने के लिए जहाज आदि चीजों पर कितना खर्च होता होगा।

अगर हम और राजनितिक पदों की सैलरी से प्रधानमंत्री की सैलरी से तुलना करे तो प्रधान मंत्री की सैलरी बहुत कम होती है, इनकी सैलरी किसी भी बड़े राज्य के बिधायक से भी कम है, और अगर इनके कार्य भार और जिम्मेदारी की बात करे तो आपको पता ही होगा की पूरे देश की जिम्मेदारी इनके ऊपर ही होती है।

अगर हम प्रधान मंत्री के कामो की बात करे तो इनके बहुत से काम होते है क्योंकि इनपर पूरे देश की जिम्मेदारी होती है इस वजह से इनका  विशेष जगहों पर ही काम होता है जो की इस प्रकार से है।

Pradhanmantri ka kary kya hota hai

प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल की बैठकों की अध्यक्षता करना, राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद् में अन्य मंत्रियों को नियुक्ति हेतु सलाह देना, मंत्रियों के विभागों का बँटवारा करना, आवश्यकतानुसार वह मंत्रियों के विभागों में परिवर्तन करना, विदेशों में भारत के राजदूत, राज्यों के राज्यपाल, तीनों सेनाओं के सेनापति, विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यों आदि की नियुक्तियाँ प्रधानमंत्री की अनुशंसा करना आदि कार्य एक प्रधान मंत्री का होता है।

Pradhanmantri banne ki yogyta kya hai

व्यक्ति का राज्यसभा या लोकसभा का सदस्य होना जरूरी है और उसकी उम्र कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए और इसके लिए किसी भी डिग्री या डिप्लोमा की जरूरत नहीं होती है।

पीएमओ प्रधानमंत्री कार्यालय

पीएमओ का पूर्ण नेम Prime Minister Office होता है जिसका हिंदी में मतलब प्रधान मंत्री कार्यालय होता है

हालांकि 1977 तक पीएमओ को प्रधानमंत्री सचिवालय कहा जाता था लेकिन 1977 में इसमें बदलाव किया गया और प्रधानमंत्री सचिवालय को बदलकर इसे प्रधानमंत्री कार्यालय कहा जाने लगा

जिसका श्रेय मोरारजी देसाई को जाता है और जहां तक बात है पीएमओ की स्थापना की तो प्रधानमंत्री कार्यालय की स्थापना india के first Prime Minister के समय में हुई थी

इंडिया के first prime minister पंडित जवाहरलाल नेहरू 1947 में Prime minister बने थे और उसी समय प्रधानमंत्री कार्यालय की स्थापना हुई थी

और पीएमओ पर उसी व्यक्ति का अधिकार होता है जोकि मौजूदा समय में PM के पद पर होता, किसी भी PM को प्रधानमंत्री कार्यालय स्थाई रुप से नहीं मिलता है

प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली में मौजूद है जिसका पता है South block, Raisina hill, new Delhi

प्रधानमंत्री से कोई डायरेक्ट संपर्क नहीं कर सकता है

यह बात आपको भी पता होगी कि अक्सर बहुत बड़े पद का कार्यभार संभालने वाले या बहुत बड़े आदमी से आप सीधे संपर्क नही कर सकते है यदि आप एक आम आदमी है और आप चाहते है कि आप डायरेक्ट प्रधानमंत्री से जाकर मिले तो यह ज्यादा संभव नही है क्योंकि अगर प्रधानमंत्री सबसे ऐसे मिलने लगे तो जब किसी को कोई परेशानी हो तो वो प्रशासन के बजाय प्रधानमंत्री के पास शिकायत लेके पहुँच जाए ।

इस लेख में आपने सीखा Pradhanmantri kya hai और PM full form in Hindi हमें उम्मीद है ये जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

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