चांद पर पहला कदम किसने रखा था, Sabse pahle Chand par kaun gaya

अपोलो 11 चंद्रमा पर उतरने वाला पहला मानवयुक्त मिशन था। चांद पर पहला कदम 20 जुलाई, 1969 को नील आर्मस्ट्रांग ने और दूसरा कदम बज़ एल्ड्रिन ने रखा था। और ये चांद से नमूने लेकर पृथ्वी पर सफलतापूर्वक लौट आए थे ये neil Armstrong और buzz Aldrin दुनिया के ऐसे पहले ऐसे प्राणी थे जिन्होंने पृथ्वी के बाहर किसी दूसरे ग्रह/उपग्रह पर कदम रखा था और वो मानवता के लिए एक ऐतिहासिक दिन था क्योंकि इंसान अंतरिक्ष की तरफ बढ़ने लगा था Chand par pahla kadam kisne rakha tha.

Chand par pahla kadam kisne rakha tha

इस ऐतिहासिक कार्य में तीन मुख्य बिंदु हैं जिनमें से पहला है वो कंपनी/एजेंसी जिसके जरिए नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर पहला कदम रखा था और दूसरा वो mission और तीसरा वो व्यक्ति जिसने moon पर पहला कदम रखा यानि की neil Armstrong

NASA – ये एक अमेरिकी space Agency जिसके जरिए neil Armstrong चंद्रमा पर गए थे और चांद पर सबसे पहले पहुंचने की वजह से दुनिया भर में nasa मशहूर हो गया और space agencies का head बन गया ।

Apollo 11 के तहत चंद्रमा पर पहला कदम किसने रखा

अपोलो 11, एक space mission था जिसके दौरान कमांडर नील आर्मस्ट्रांग और चंद्र मॉड्यूल पायलट एडविन (“बज़”) एल्ड्रिन, 20 जुलाई, 1969 को चंद्रमा पर उतरने और चंद्र सतह पर चलने वाले पहले व्यक्ति बने।

16 जुलाई, 1969 को इसके प्रक्षेपण के समय से, 24 जुलाई को वापसी तक, अपोलो 11 की उड़ान के लगभग हर प्रमुख पहलू को दुनिया के लगभग हर हिस्से में करोड़ों लोगों द्वारा टेलीविजन के माध्यम से देखा गया था।

अपोलो 11 मिशन अपोलो उड़ान हार्डवेयर का उपयोग करते हुए उड़ानों की श्रृंखला में ग्यारहवां mission था और इससे पहले कोई भी mission सफल नहीं हुआ था और अपोलो कार्यक्रम की पहली चंद्र लैंडिंग थी। यह कमांड और सर्विस मॉड्यूल की पांचवीं मानवयुक्त उड़ान और चंद्र मॉड्यूल की तीसरी उड़ान भी थी। मिशन का उद्देश्य मानवयुक्त चंद्र लैंडिंग करना और सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटना था।

Apollo 10 के विन्यास से apollo 11 अंतरिक्ष यान में बहुत कम बदलाव किए गए थे। चंद्र मॉड्यूल में सबसे महत्वपूर्ण संरचनात्मक परिवर्तन था वैज्ञानिक प्रयोग पैकेज और मॉड्यूलर उपकरण स्टोरेज असेंबली, जिसमें चंद्र सतह गतिविधियों के दौरान उपयोग किए जाने वाले प्रयोग और उपकरण रखे गए थे।

चांद पर पहला कदम रखने में head neil Armstrong थे लेकिन सिर्फ उन्होंने ही moon पर कदम नहीं रखा था बल्कि उनकी team थी जोकि तीन लोगों team थी जिसमें से दो लोगों ने चंद्रमा पर कदम रखा लेकिन जब आप कहीं mostly यही बताया जाता है की चांद पर सबसे पहले कदम रखने वाले neil Armstrong थे तो ऐसा इसलिए है क्योंकि neil Armstrong उस mission के commander थे

चांद पर सबसे पहला कदम रखने वालों की team

  1. Neil Armstrong
  2. Edwin (“Buzz”) Aldrin
  • Michael Collins, Crew member थे लेकिन ये चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरे यानी की चंद्रमा पर कदम नहीं रखा

1. Neil Armstrong

नील आर्मस्ट्रांग चंद्रमा पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ति थे, जिनका पूरा नाम है नील एल्डन आर्मस्ट्रांग, इनका जन्म 5 अगस्त, 1930 को Wapakoneta, Ohio, अमेरिका में हुआ था 25 अगस्त, 2012 को Cincinnati, Ohio में मृत्यु हो गई), अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री, चंद्रमा पर पैर रखने वाले पहले व्यक्ति।

नील आर्मस्ट्रांग Viola Louise Engel और Stephen Koenig Armstrong तीन बच्चों में सबसे बड़े थे। उड्डयन और उड़ान के लिए नील का जुनून तब और बढ़ गया जब उन्होंने 6 साल की उम्र में अपनी पहली हवाई जहाज की सवारी की। वह अमेरिका के बॉय स्काउट्स में सक्रिय थे और उन्होंने ईगल स्काउट का पद अर्जित किया, जो कि उच्चतम रैंक प्राप्त करने योग्य था। वह अपने 16वें जन्मदिन पर एक लाइसेंस प्राप्त पायलट और 1947 में एक नौसैनिक हवाई कैडेट बन गए

1949 में, अपनी छात्रवृत्ति के हिस्से के रूप में, आर्मस्ट्रांग ने नौसेना में एक पायलट के रूप में प्रशिक्षण लिया। उन्होंने दो साल बाद कोरियाई युद्ध में सक्रिय सेवा देखना शुरू किया और इस सैन्य संघर्ष के दौरान 78 लड़ाकू मिशनों में भाग लिया।

आर्मस्ट्रांग वैमानिकी के लिए National Advisory Committee for Aeronautics में शामिल हो गए, जो बाद में National Aeronautics and Space Administration (NASA) बन गया। इस सरकारी एजेंसी के लिए, उन्होंने कई अलग-अलग क्षमताओं में काम किया, जिसमें एक परीक्षण पायलट और एक इंजीनियर के रूप में कार्य करना शामिल है। उन्होंने X-15 सहित कई उच्च गति वाले विमानों का परीक्षण किया, जो 4,000 मील प्रति घंटे की शीर्ष गति तक पहुंच सकते थे।

16 जुलाई, 1969 को आर्मस्ट्रांग, एडविन ई. एल्ड्रिन, और माइकल कॉलिन्स के साथ, अपोलो 11 वाहन में चंद्रमा की ओर रवाना हुए, चार दिन बाद, अमेरिकन समय शाम 4:17 बजे ईगल चंद्र लैंडिंग मॉड्यूल, आर्मस्ट्रांग द्वारा मैन्युअल रूप से निर्देशित, दक्षिण-पश्चिमी किनारे के पास एक मैदान पर उतरा।

20 जुलाई 1969 को 10:56 PM अमेरिकन समय पर, आर्मस्ट्रांग ने ईगल से चंद्रमा की धूल भरी सतह पर शब्दों के साथ कदम रखा, “यह आदमी के लिए एक छोटा कदम था लेकिन मानव जाति के लिए एक विशाल छलांग थी। आर्मस्ट्रांग और एल्ड्रिन ने मॉड्यूल को दो घंटे से अधिक समय तक छोड़ा और वैज्ञानिक उपकरणों को तैनात कर सतह के नमूने एकत्र किए, और कई तस्वीरें लीं।

21 जुलाई को, चंद्रमा पर 21 घंटे और 36 मिनट के बाद, वे यान में पुनः गए और michael collins से मिले और पृथ्वी के लिए वापस यात्रा शुरू की और 24 जुलाई को दोपहर 12:51 बजे में प्रशांत महासागर capsule के जरिए land किया, चंद्र रोगाणुओं द्वारा संभावित संदूषण से बचाव के लिए 18 दिन quarantine में बिताए (क्योंकि किसी भी प्रकार के virus इत्यादि का खतरा हो सकता था (जैसे की इस समय covid))

बाद में तीनों अपोलो 11 अंतरिक्ष यात्रियों का घर में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। और ticker-tape pared द्वारा इनका सम्मान किया गया और इन नायकों का को देखने और उत्साह बढ़ाने के लिए न्यूयॉर्क शहर की सड़कों पर भीड़ उमड़ पड़ी।

आर्मस्ट्रांग ने 1971 में नासा से इस्तीफा दे दिया। अपोलो 11 के बाद उन्होंने एक सार्वजनिक व्यक्ति होने से किनारा कर लिया और खुद को अकादमिक और पेशेवर प्रयासों तक सीमित कर लिया। 1971 से 1979 तक वे Cincinnati विश्वविद्यालय (ओहियो) में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर रहे।

उन्हें 1969 में प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम, 1978 में Congressional Space Medal of honor और 2009 में Congressional Gold Medal से सम्मानित किया गया था।

आर्मस्ट्रांग ने अगस्त 2012 में ओहियो के Cincinnati के एक अस्पताल में हृदय बाईपास ऑपरेशन हुआ। दो सप्ताह बाद, 25 अगस्त 2012 को, ऑपरेशन की जटिलताओं के कारण 82 वर्षीय आर्मस्ट्रांग की मृत्यु हो गई, तो ये था पूरा सफर चांद पर पहला कदम रखने वाले इंसान का जोकि आपको काफी ज्यादा inspire करेगा अब चलिए चांद पर दूसरा कदम रखने वाले व्यक्ति के बारे में जानते हैं

2. Edwin (“Buzz”) Aldrin

बज़ एल्ड्रिन के पिता, यू.एस. वायु सेना में कर्नल थे, जिन्होंने मूल रूप से उड़ान में उनकी रुचि को प्रोत्साहित किया था। एल्ड्रिन एक लड़ाकू पायलट बने और कोरियाई युद्ध में उड़ान भरी। 1963 में, उन्हें नासा द्वारा अगले जेमिनी मिशन के लिए चुना गया था। 1969 में, एल्ड्रिन ने नील आर्मस्ट्रांग के साथ मिलकर इतिहास रचा जब वे अपोलो 11 मिशन के हिस्से के रूप में चंद्रमा पर चले गए, और Edwin Aldrin चंद्रमा पर दूसरा कदम रखने वाले व्यक्ति बने

प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री बज़ एल्ड्रिन का जन्म 20 जनवरी 1930 को Montclair, New Jersey में एडविन यूजीन एल्ड्रिन जूनियर के रूप में हुआ था। उन्होंने बचपन में अपना उपनाम buzz कुछ इस तरह से हासिल किया उनकी छोटी बहन ने “brother” शब्द का “buzzer” के रूप में गलत उच्चारण किया और उनके परिवार ने उनके उपनाम को “buzz” कर दिया

उनकी specialized study ने उन्हें जल्द ही Space program में entry दे दी हालांकि इससे पहले वो मिलिट्री में भी कार्य कर चुके थे 1963 में, एल्ड्रिन अंतरिक्ष उड़ान को आगे बढ़ाने के प्रयास के लिए नासा द्वारा चुने गए पुरुषों के तीसरे समूह का हिस्सा थे

1966 में, एल्ड्रिन और अंतरिक्ष यात्री जिम लवेल को जेमिनी 12 चालक दल को सौंपा गया था। 11 नवंबर से 15 नवंबर, 1966 की अंतरिक्ष उड़ान के दौरान, एल्ड्रिन ने पांच घंटे का स्पेसवॉक किया – उस समय का अब तक का सबसे लंबा और सबसे सफल स्पेसवॉक था

जेमिनी 12 के बाद, एल्ड्रिन को नील आर्मस्ट्रांग और हैरिसन “जैक” श्मिट के साथ अपोलो 8 के बैक-अप क्रू को सौंपा गया था। ऐतिहासिक apollo 11 चंद्र लैंडिंग मिशन के लिए, एल्ड्रिन ने चंद्र मॉड्यूल पायलट के रूप में कार्य किया। 20 जुलाई 1969 को उन्होंने चांद पर कदम रखने वाले दूसरे व्यक्ति के रूप में इतिहास रच दिया 

एल्ड्रिन 1971 में नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) से सेवानिवृत्त हुए और कैलिफोर्निया में एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस में एयरोस्पेस रिसर्च पायलट स्कूल के कमांडेंट बने। मार्च 1972 में वे निजी व्यवसाय में प्रवेश करने के लिए वायु सेना से सेवानिवृत्त हुए। 1988 में उन्होंने कानूनी रूप से अपना नाम Edwin Aldrin से Buzz Aldrin कर लिया।

Chand par doosra kadam kisne rakha tha

चांद पर उतरने वाले दूसरे व्यक्ति buzz aldrin थे जो कि अपोलो11 के टीम मेंबर थे और चांद पर आर्मस्ट्रांग के बाद उतरने वाले व्यक्ति buzz Aldrin बने

Chand par jane wala pahla bharteey kaun haj

चांद पर अभी तक कोई भी भारतीय नहीं गया है, लेकिन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों की लिस्ट में कई लोग शामिल हैं जिनमें राकेश शर्मा, कल्पना चावला इत्यादि शामिल हैं।

Chand par sabse pahle kaun si mahila gayi

चांद पर अब तक कोई भी महिला नहीं गई है

Chand par ab tak kul kitne log ja chuke hai

चांद पर अब तक कुल 12 लोग जा चुके हैं

इस लेख में आपने सीखा Chand par pahla kadam kisne rakha हमें उम्मीद है ये जानकारी Chand par kon kon gaya hai आपके लिए उपयोगी साबित होगी।