— Cpanel क्या है Cpanel full form in hindi

वैसे तो सीपैनल को कंट्रोल पैनल के नाम से भी जाना जाता है, जिससे कंप्यूटर की सेटिंग को कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन कंप्यूटर के कंट्रोल पैनल को कंट्रोल पैनल के नाम से ही जाना जाता है। लेकिन Cpanel के नाम से वाला प्रसिद्ध मुख्य सॉफ्टवेयर वेब होस्टिंग मैनेजर “Cpanel” है। जोकि वेब होस्टिंग को पूरी तरह से मैनेज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर बड़ी वेबसाइट अपने वेब होस्टिंग को मैनेज करने के लिए खुद के होस्टिंग मैनेजर एप्लीकेशन बनाते हैं। लेकिन वेब होस्टिंग कंपनियां अपने होस्टिंग को भेजने के लिए और उसे मैनेज करने के लिए सीपैनल प्रोवाइड करते हैं। जिसके जरिए कस्टमर उस web होस्टिंग को मैनेज कर सकते हैं। Cpanel kya hai।

Cpanel kya hai, cPanel full form in hindi

सीपैनल के आधार पर ही hostinger कंपनी ने hpanel लॉन्च किया है। जोकि लगभग cPanel से मिलता जुलता है। लेकिन hPanel, cPanel के मुकाबले ज्यादा capable है।

फाइल मैनेजर

फाइल मैनेजर cpanel का एक सबसे महत्वपूर्ण फीचर होता है। जोकि सभी वेब होस्टिंग मैनेजर सॉफ्टवेयर में मौजूद रहता है, जहां से वेब होस्टिंग की फाइल को मैनुअली मैनेज किया जा सकता है। किसी भी वेबसाइट की फाइल मैनेजर में है, उस वेबसाइट की सभी कोडिंग फाइल मौजूद रहती हैं।

और फाइल मैनेजर से किसी भी फाइल को बिना वजह डिलीट करना या उसके साथ छेड़खानी करना, वेबसाइट को ब्रेक भी कर सकता है। क्योंकि फाइल मैनेजर में मौजूद कोर्ट के जरिए वेबसाइट रन कर रही होती है। और यदि इसे कोई जरूरी फाइल डिलीट हो जाती है, तो उस वेबसाइट में वह फीचर कार्य करना बंद कर सकता है। यहां तक कि हो सकता है, कि पूरी की पूरी वेबसाइट ही कार्य करना बंद कर दे।

Database manager

सीपैनल के जरिए अपने होस्टिंग के लिए mysql डाटाबेस तैयार किया जा सकता है। और उसमें कोई परिवर्तन या फिर उस डेटाबेस को डिलीट भी किया जा सकता है। लेकिन कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति को अपनी वेबसाइट के डेटाबेस को मैनुअली मैनेज करने की जरूरत नहीं पड़ती है। क्योंकि ज्यादातर लोग वर्डप्रेस कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करते है। और इसके लिए सीपैनल में ऑटोमेटिक इंस्टॉल अमरुद रहता है। जोकि ऑटोमेटिक वर्डप्रेस को इंस्टॉल कर देता है, और डेटाबेस को बनाकर होस्ट फाइल से ऑटोमेटिक कनेक्ट भी कर देता है। किसी भी वेबसाइट के लिए डेटाबेस और फाइल का कनेक्ट होना जरूरी होता है। जोकि MySQL database के यूजरनेम और पासवर्ड से कनेक्ट किया जाता है।

बैकअप

हालांकि से पैनल में बैकअप का फीचर दिया जाता है। लेकिन दुख की बात यह है, कि सीपैनल का बैकअप फीचर बहुत ज्यादा कैपेबल नहीं है। क्योंकि सीपैनल के बैकअप फीचर द्वारा मैनुअल तरीके से ही बैकअप बनाया जा सकता है। इस कंडीशन में वेबसाइट ओनर के लिए एक समस्या खड़ी हो जाती है। कि उसे अलग से अपनी वेबसाइट के बैकअप के लिए किसी सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करना पड़ता है।

जबकि वही कुछ दूसरे वेब होस्टिंग मैनेजर। जैसे की hostinger द्वारा प्रोवाइड किया गया hPanel बैकअप के मामले में बहुत अच्छा कार्य करता है। जोकि आपके द्वारा सेट किए गए समय पर प्रतिदिन ऑटोमेटिक बैकअप तैयार कर देता है। जिससे कि किसी भी वजह से वेबसाइट में यदि त्रुटि होती है, तो आप अपनी वेबसाइट को उस बैकअप के जरिए सिर्फ कुछ मिनट में ही फिर से स्टार्ट कर सकते हैं।

Softaculous installer

Softaculous installer एक ऐसा वेब सॉफ्टवेयर है। जोकि हॉस्टल में किसी कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम या अन्य सॉफ्टवेयर को सिर्फ कुछ क्लिक में बिना किसी टेक्निकल जानकारी के इंस्टॉल करने में मदद करता है। खासकर सीपैनल उपयोगकर्ताओं के लिए वर्डप्रेस वेबसाइट को इंस्टॉल करने के लिए Softaculous installer और बहुत ही ज्यादा उपयोगी साबित होता है। हालांकि किसी भी एप्लीकेशन अकाउंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम को किसी भी होस्ट में मैनुअली भी इंस्टॉल किया जा सकता है। लेकिन उसके लिए कुछ टेक्निकल जानकारी की भी जरूरत पड़ सकती है। और हो सकता है, कि गलत इंस्टॉलेशन की वजह से वह कार्य भी ना करें। लेकिन इस कार्य को Softaculous installer बहुत आसान बना देता है। जिसके लिए बस आपको अपने एप्लीकेशन का नाम टाइटल पासवर्ड इत्यादि डालना होता है। और उसके बाद इंस्टॉल बटन पर क्लिक करने के बाद ऑटोमेटिक इंस्टॉल होना शुरू हो जाता है।

Storage

आप अपने सीपैनल के जरिए यह भी देख सकते हैं, कि आपके होस्टिंग में कुल कितना स्टोरेज है। और आप कितना स्टोरेज इस्तेमाल कर चुके हैं। और आप अपनी जरूरत के हिसाब से अपने होस्टिंग रिसोर्सेज को बढ़ा सकते हैं।

CPanel कौन सी कंपनी इस्तेमाल करती है

बहुत सारी वेब होस्टिंग कंपनियां अपने उपयोगकर्ताओं को होस्टिंग मैनेजर के रूप में सीपैनल प्रोवाइड करती हैं। जबकि कुछ कंपनियों के खुद के वेब होस्टिंग मैनेजर एप्लीकेशन होते हैं, जिन्हें वे कंपनियां खुद से कस्टमाइज करती हैं। और वेब होस्टिंग मैनेजर एप्लीकेशन सीपैनल के मुकाबले ज्यादा कैपेबल होते हैं। उनका फायदा यह होता है कि उन वेब होस्टिंग मैनेजर में कंपनियां एक्स्ट्रा फीचर्स देती हैं। जिससे कि उपयोगकर्ताओं को अपनी वेबसाइट को मैनेज करने, माइग्रेट करने और प्लान को अपग्रेड या डाउनग्रेड करने इत्यादि, कार्य में बहुत ही सहायक साबित होती हैं।

Cpanel इस्तेमाल करने के नुकसान

हालांकि सीपैनल बहुत ज्यादा प्रसिद्ध वेब होस्टिंग मैनेजर है। लेकिन इसके कुछ खामियां भी हैं। जिससे कि आपको भविष्य में चलकर बहुत ही समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। क्योंकि सीपैनल के जरिए कंट्रोल की जा रही वेबसाइट कभी-कभी बहुत छोटे-छोटे टास्क पर भी पूरी तरह क्रैश हो जाती है। और cpanel में ऑटो बैकअप का विकल्प भी नहीं रहता है। जिससे कि आपको बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है।

मेरा खुद का एक्सपीरियंस ये है की जब मैं अपना वर्डप्रेस ब्लॉग चला रहा था, तो मेरे ब्लॉग में कुछ त्रुटियां आ गई। और उस त्रुटियों को ठीक करने के चक्कर में मैंने अपने ब्लॉग में कुछ और भी गड़बड़ियां कर दी। जिससे कि मेरा ब्लॉग ठीक से काम नहीं कर रहा था। जिसके बाद मुझे वेब होस्टिंग कंपनी से कांटेक्ट करना पड़ा, और मैंने उन्हें अपनी समस्या बताई और उन्होंने मेरी समस्या को ठीक करने के लिए कुछ कदम उठाए। लेकिन उन्होंने क्या किया कैसे किया मुझे नहीं पता है। उन्होंने कहा कि मैंने सिर्फ पीएचपी को अपडेट किया है। लेकिन मेरी वेबसाइट पूरी तरह से डिलीट हो चुकी थी। उस पर कोई भी कंटेंट नहीं था बिल्कुल एक नए वर्डप्रेस ब्लॉग की तरह दिख रहा था।

और समस्या यह थी कि cpanel मैं ऑटोमेटिक बैकअप का विकल्प नहीं होता है। और ऐसे में मेरे पास कोई बैकअप भी नहीं था, तो ये मेरे लिए एक बड़ी समस्या बन गई थी। सोचिए कि यदि आपके साथ कभी ऐसा होता है तो आप क्या करेंगे। क्योंकि आपके पास बैकअप भी ना हो और आपकी वेबसाइट पूरी तरह से खत्म हो जाए तो आप उसे कैसे स्टार्ट करेंगे। लेकिन शायद मेरी किस्मत थोड़ी बहुत ठीक थी। क्योंकि लगभग 15 से 20 दिन पुराना ऑफलाइन बैकअप मेरे कंप्यूटर में ऑफलाइन पड़ा था। जिसे रिस्टोर करने के बाद मेरी वेबसाइट ठीक से काम करने लगी। लेकिन उस 15 से 20 दिन का डाटा मुझे नहीं मिला।

Cpanel में मुझे ठीक इसी तरह से मुझे कई बार अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ा। लेकिन दो बार ज्यादा बड़ी समस्या आ गई थी। जिसमें से एक बार की समझ सकना को कर बता चुका हूं। जिसमें कि मेरी वेबसाइट पूरी तरह से डिलीट हो चुकी थी। और एक बार किसी और समस्या की वजह से भी मेरी वेबसाइट इसी तरह से पूरी तरह डिलीट हो चुकी थी। हालांकि हैकिंग का इससे कोई वास्ता नहीं है। इसलिए मैं अपनी वेबसाइट की हैकिंग के बारे में इसमें नहीं बता रहा।

और मैं आपको सुझाव दूंगा कि आप किसी ऐसी वेब होस्टिंग का इस्तेमाल करें। जोकि आपको डेली ऑटोमेटिक बैकअप का विकल्प दे। क्योंकि ऐसे में आपकी वेबसाइट पूरी तरह से सिक्योर रहती है। मान लीजिए कि कभी भी आपके जैसा के साथ कोई भी दुर्घटना हो जाती है। फिर चाहे वह आपसे हो जाए या फिर साइट हैक हो जाए। या आपकी वेब होस्टिंग मैनेजर की वजह से कोई समस्या आ जाए। तो आप अपनी वेबसाइट के बैकअप के जरिए अपनी वेबसाइट को फिर से स्टार्ट कर सकते हैं।

हालांकि आप मैनुअली अपनी वेबसाइट का बैकअप बना सकते हैं। लेकिन ऐसे में आपको उन्हें अपनी वेबसाइट को रीस्टार्ट करने में थोड़ी समस्या हो सकती है। लेकिन यदि आप ऐसी वेब होस्टिंग कंपनी का इस्तेमाल करते हैं। जोकि किसी बेहतरीन वेब होस्टिंग मैनेजर एप्लीकेशन का इस्तेमाल करता है। और उसमें आपको ऑटोमेटिक बैकअप कभी कभी मिलता है। तब वेबसाइट के हैक होने या त्रुटि आने की स्थिति में सिर्फ एक क्लिक में ही अपनी वेबसाइट को रिस्टोर कर सकते हैं। और कुछ ही देर में आप की वेबसाइट होना स्टार्ट हो जाएगी।

हमें उम्मीद है ये जानकारी cpanel kya hai और cPanel full form in hindi आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

Cpanel के नाम से वाला प्रसिद्ध मुख्य सॉफ्टवेयर वेब होस्टिंग मैनेजर “Cpanel” है, जोकि वेब होस्टिंग को पूरी तरह से मैनेज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है

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